EPFO बदलेगा निवेश का तरीका, जोखिम कम करने की तैयारी, जानें क्या है पूरा प्लान – epfo plans single account to invest in etf consolidate funds of all its five schemes
EPFO Investment Plan: ईपीएफओ अपने निवेश में तरीके में बदलाव करने जा रहा है। इसका मकसद निवेश पर जोखिम कम करना है। जानें क्या है ईपीएफओ का प्लान:

इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक ईपीएफओ के इन बदलावों पर 2 मार्च की बैठक में मुहर लग सकती है। हालांकि इस बैठक में नई ब्याज दरों के ऐलान की उम्मीद कम है। साल 2015 से ईपीएफओ अपनी नई कमाई का 5 से 15 फीसदी हिस्सा ETFs में लगाता रहा है। अजेंडे की कॉपी के अनुसार, EPFO अपनी सभी योजनाओं के लिए ETF निवेश का एक समान और साझा सिस्टम शुरू करेगा। पुराने नियमों के हिसाब से EPFO अपनी हर योजना के लिए अलग-अलग निवेश करता था और उन्हें एक साथ नहीं मिलाता था। भविष्य में EPFO ने साल में एक बार निवेश करने का फैसला किया है।
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क्या है अजेंडा?
- EPFO अपनी 5 अलग-अलग योजनाओं के फंड को एक साथ मिलाकर ETF में निवेश करेगा।
- निवेश का चक्र अब महीने-दर-महीने के बजाय सालाना होगा।
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के बॉण्ड्स को बायबैक में बेचकर मुनाफा कमाने की तैयारी।
- 2 मार्च को सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में इन प्रस्तावों पर फैसला होगा।
- 2025-26 के लिए ब्याज दरों की घोषणा फिलहाल एजेंडे में शामिल नहीं है।
मीटिंग में होगा फैसला
ईपीएफओ की निवेश समिति ने इन प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है। अब इन्हें 2 मार्च को होने वाली सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। हालांकि, मीटिंग के अजेंडे में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दरों की घोषणा का जिक्र नहीं है, जिसका काफी समय से इंतजार किया जा रहा है।
