New Year 2026: शाम को इतने बजे घर आती हैं मां लक्ष्मी, नववर्ष की संध्या में दरवाजे पर करें ये 3 काम – New Year 2026 goddess Laxmi come house in evening upay for money success tvisu
New Year 2026: नया साल 2026 आने वाला है. कहते हैं कि नए साल की शुरुआत में हुई घटना या शुभ कार्यों का प्रभाव वर्षभर रहता है. इसलिए ज्योतिषविद मानते हैं कि साल के शुभारंभ पर देवी-देवताओं को प्रसन्न कर लिया जाए तो उनकी कृपा पूरे साल बनी रहती है. शास्त्रों में मां लक्ष्मी को धन, वैभव और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी कहा गया है. यदि नए साल के शुभ अवसर पर आप देवी लक्ष्मी को प्रसन्न कर लें तो सालभर उनकी कृपा आपके परिवार पर बनी रहेगी.
ज्योतिषविदों मानते हैं कि देवी लक्ष्मी शाम को गोधूलि वेला में पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों के घर में वास करती हैं. ये शुभ घड़ी संध्या काल में करीब 7 बजे से रात 9 बजे के बीच होती है. कहते हैं कि देवी लक्ष्मी के घर आने का समय यही होता है. ऐसे में यदि आप नए साल के मौके पर इस शुभ घड़ी में देवी लक्ष्मी का स्वागत करें तो यह बहुत ही लाभकारी सिद्ध हो सकता है.
जरूर करें ये 3 उपाय
1. शाम को सूर्यास्त के बाद घर का मुख्य द्वार कुछ देर के लिए खुला रखें. इससे आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होगा. आपके घर की सुख-शांति, समृद्धि बनी रहेगी. मां लक्ष्मी का आशीर्वाद आपको मिलेगा.
2. मुख्य द्वार पर तेल के पांच दीपक जरूर जलाएं. दरवाजे पर प्रज्वलित दीपक देवी लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक होते हैं. इसे घर की सुख, समृद्धि और सौभाग्य को बढ़ाने के लिए सहायक माना जाता है.
3. घर के मुख्य दरवाजे पर रंगोली जरूर बनाएं और वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. कहते हैं कि देवी लक्ष्मी स्वच्छ और उज्ज्वल जगहों पर ही ठहरती हैं. इसलिए इसलिए इस दिन घर के किसी कोने में अंधेरा और गंदगी न रखें.
घर में न करें ये गलतियां
नए साल के शुभारंभ पर कुछ खास बातों का भी ध्यान रखें. इस दिन मुख्य द्वार के अलावा घर के मंदिर, उत्तर दिशा और तुलसी के पास भी एक दीपक जरूर जलाएं. यदि घर के आस-पास कहीं नल की व्यवस्था हो तो वहां भी एक दीपक जलाएं. इसके अलावा, इस दिन घर में मांसाहार, शराब आदि का सेवन बिल्कुल न करें. तामसिक चीजों से परहेज करें. क्रोध-अहंकार पर नियंत्रण करें. जब तक बहुत जरूरत न हो, तब तक रुपयों का लेन-देन न करें. मुख्य द्वार पर आए किसी भी व्यक्ति का अपमान बिल्कुल न करें. संभव हो तो उन्हें दान-दक्षिणा जरूर दें.
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